AM aur PM Kya Hota Hai – जानिए AM और PM का अर्थ

AM aur PM Kya Hota Hai – आज के इस लेख में हम समय सूचक शब्द AM और PM के बारे में जानेंगे। इस शब्द का इस्तेमाल अपने जरूर रोजमर्रा के जीवन में बहुत बार सुना होगा, मगर क्या आप जानते है की AM aur PM Kya Hota Hai, और इसका इस्तेमाल कब किया जाता है। आज इस लेख के जरिए हम जानेंगे कि AM और PM का मतलब, इस का फुल फॉर्म क्या होता है, और इसका उद्गम एवं रहस्य क्या है।

AM aur PM Kya Hota Hai

अगर आप इस समय सूचक शब्द के इतिहास और भारतीय संस्कृति से जुड़े इसके रहस्य के साथ-साथ इसका मतलब, फुल फॉर्म और बाकी जानकारी जानना चाहते हैं तो हमारे लेख के साथ अंत तक बनी रहे। 

AM aur PM Kya Hota Hai

अपने रोजमर्रा के जीवन में जरूर आपने एएम और पीएम शब्द का इस्तेमाल सुना होगा। यह एक बहुत ही साधारण शब्द है जिसका इस्तेमाल लोग रोजमर्रा के जीवन में करते है। आपने देखा होगा कि दोपहर से पहले जितने भी समय की चर्चा की जाती है उस समय के बाद AM शब्द का इस्तेमाल किया जाता है और जब दोपहर के बाद के समय की चर्चा की जाती है तो उस समय के बाद पीएम शब्द का इस्तेमाल किया जाता है।

आपको बता दें कि एएम और पीएम शब्द का इस्तेमाल कई सालों से किया जा रहा है। भारतीय इतिहास में इसे पूर्वाहन या मध्यान्ह कहते है। मगर इसका इस्तेमाल कब कहां और कैसे किया जाता है इसके बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी आज नीचे दी गई है।

AM और PM का Full Form

AM का Full Form Ante Meridiem होता है और PM का फुल फॉर्म Post Meridiem होता है।

AM शब्द किसी भी समय के बाद तब लगाया जाता है जब वह समय दोपहर 12:00 बजे से पहले का हो। अर्थात दिन की बात को कहने के लिए AM शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। PM शब्द का इस्तेमाल दोपहर 12:00 बजे के बाद के समय को दर्शाने के लिए किया जाता है। आमतौर पर शाम के वक्त या रात के वक्त जितने भी समय की चर्चा की जाती है उसमें पीएम शब्द का इस्तेमाल किया जाता है।

AM और PM का मतलब

AM और PM का मतलब समय को मापने से है, आपने इस शब्द को किसी अंग्रेजी किताब में कभी नहीं सुना होगा क्योंकि यह एक लैटिन शब्द है। लैटिन भाषा में AM का मतलब दोपहर से पहले और PM का मतलब दोपहर के बाद होता है।

AM और PM समयकालीन शब्द Ante Meridiem और Post Meridiem का लघु रूप है। इसे आम प्रचलित भाषा में AM यानी दोपहर से पहले और PM यानी दोपहर के बाद के रूप में जानते हैं। आइए हम इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।

एक दिन में 24 घंटा होता है, जिसमें 12 – 12 घंटे का दिन और रात होता है। लेकिन घड़ी में मात्र 12 घंटा ही होता है जिसके कारण घड़ी को 24 घंटा पूरा करने के लिए अपने घूर्णन गति को दोहराना पड़ता है। यानी घड़ी की सुई एक बार जो समय दिखा दिया वही समय एक बार पुनः दिखाती है, इससे लोगों में असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है। 

इसे समझने के लिए एक उदाहरण लेते है – जैसे यदि कोई कहता है कि मोहन का जन्म 20.01.2000 को 8:00 बजे हुआ था तो यहां भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है कि 8:00 बजे दिन या 8:00 बजे रात। इसी भ्रम को दूर करने के लिए AM और PM शब्द लगाया गया, ताकि हमें सटीक जानकारी हासिल हो सके और हम असमंजस में ना रहे।

AM और PM का इतिहास

क्या आपको पता है एम पीएम का इस्तेमाल भारत में ऋषि मुनि के जमाने से किया जा रहा है जब इस दुनिया में घड़ी की संरचना नहीं हुई थी तब धरती के घूमने की रफ्तार और अन्य ग्रहों की रफ्तार को समझने के लिए इस शब्द का इस्तेमाल भारतीय सनातन धर्म में किया जाता था। 

प्राचीन काल में जब घड़ी का आविष्कार भी नहीं हुआ था तब भी समय की गणना उतना ही सटीक होता था जितना कि आज हो रहा है। जैसे शनि ग्रह को सूर्य का चक्कर लगाने में कितना समय लगता है या पृथ्वी को अपनी परिक्रमा करने में इतना समय लगता है, यह सब सारी बातें हमारे शास्त्रों में (सूर्य सिद्धांत, सिद्धांत शिरोमणि) में वर्णित है।

आज AM और PM शब्द लगाकर समय के उलझन को दूर कर दिया गया है। तो सोचने वाली बात यह है कि यही उलझन तो उस समय भी होगी जब हमारे ऋषि-मुनियों ने समय की गणना कर सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के बारे में बताया था। हमारे ऋषि-मुनियों द्वारा समय की गणना कर जो बात शास्त्रों में लिखी गई है, उसमें किसी प्रकार का उलझन या भ्रम की स्थिति नहीं है। सारी जानकारी सटीक व ज्ञानवर्धक है तो जाहिर है की AM और PM की समस्या उस समय नहीं थी।

AM और PM का आविष्कार कैसे हुआ?

आइए, आज समझते हैं कि AM और PM का उद्गम कैसे हुआ। हमें बचपन से यही पढ़ाया गया कि AM का मतलब एंटी मेरिडियन (Anti Meridien) यानी पूर्वाह्न और PM का मतलब पोस्ट मेंरेडियम (Post Meridien) यानी मध्याह्न। Anti Meridien और Post Meridien अंग्रेजी नहीं बल्कि लैटिन भाषा के शब्द हैं। यहां एंटी का मतलब होता है पहले और पोस्ट का मतलब होता है बाद में। लेकिन किस के पहले और किस के बाद? इस रहस्य को यहां पर छुपाया गया है। 

हमारे शास्त्रों ने इस रहस्य से पर्दा उठाने में मदद किया। संस्कृत का शब्द है आरोहणम्_मार्तडस्य् (Arohanam Martandasaya) यानि AM और  पतनम्_मार्तडस्य् (Patanam Martandasaya) यानि PM। 

सूर्य जो कि हर आकाशीय गणना का मूल है, उसको यहां गौण कर दिया गया है। अंग्रेजी के ये शब्द (AM और PM) संस्कृत के उक्त शब्दों का मतलब को नहीं इंगित करते, जो कि वास्तव में हैं। आरोहणम्_मार्तडस्य् यानी सूर्य का आरोहण, चढ़ाव (सुबहकालीन) और पतनम्_मार्तडस्य् यानी सूर्य का ढलाव (संध्याकालीन)। दिन के 12:00 बजे के पहले मार्कंडस्य यानी सूर्य चढ़ता है (AM) और 12:00 बजे के बाद सूर्य का  पतनम्_यानी पतन/ ढलाव  होता है। AM और PM का मूल रहस्य यही है। इसीलिए तो कहा जाता है कि संस्कृत कई भाषाओं की जननी है।

AM और PM का इस्तेमाल कहां किया जाता है?

अगर ऊपर बताई गई सभी जानकारियों को पढ़ने के बाद अब समझ गए कि एएम और पीएम को आज की चीज नहीं है। मगर वर्तमान समय में समय की गिनती को समझने के लिए इस शब्द का इस्तेमाल कहां और कैसे किया जा रहा है इसे नीचे सूचीबद्ध किया गया है –

  • AM शब्द का इस्तेमाल दोपहर के 12:00 बजे से पहले किया जाता है।
  • PM शब्द का इस्तेमाल दोपहर के 12:00 बजे के बाद किया जाता है। 

निष्कर्ष

आज इस लेख में हमने आपको बताया कि AM aur PM Kya Hota Hai और इस का फुल फॉर्म क्या है। हमने आपको इस शब्द के इतिहास और इस्तेमाल प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी है। अगर हमारे द्वारा साझा की गई जानकारियों को पढ़ने के बाद आपको इस शब्द के इस्तेमाल के बारे में अच्छे से समझ पाए हैं तो इसे अपने मित्रों के साथ साझा करें साथ ही अपने सुझाव और विचार कमेंट में बताना ना भूले। 

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